Meta के पूर्व एग्जीक्यूटिव मार्टिन ओट, जो अब Taxfix के CEO हैं, ने मार्क जुकरबर्ग से मिली एक अहम सीख साझा की है। उन्होंने बताया कि जुकरबर्ग का फोकस काम के घंटों को बढ़ाने के बजाय हर घंटे को प्रभावी बनाने पर रहता है। उनके अनुसार दिन में समय सीमित होता है, इसलिए उसे समझदारी से उपयोग करना जरूरी है। ओट ने कहा कि वर्क-लाइफ बैलेंस का मतलब हर समय काम करना नहीं, बल्कि सही काम को प्राथमिकता देना है। उन्होंने इसे अपनी कंपनी में भी लागू किया है। उनका मानना है कि टीम को बर्नआउट से बचाना जरूरी है ताकि लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह एक मैराथन है, न कि स्प्रिंट। इस सोच के तहत कर्मचारियों को महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह दृष्टिकोण उत्पादकता और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर माना जाता है। इस खुलासे ने कॉर्पोरेट वर्ल्ड में वर्क कल्चर पर चर्चा को फिर से तेज कर दिया है। Source: Source Post navigation सासाराम के किशोर सनीश का कमाल: कबाड़ से बनाया मिनी ट्रैक्टर, एक चार्ज में चलता है 50 किमी सऊदी एयरलाइन flyadeal की भारत में एंट्री, हैदराबाद-रियाद के बीच शुरू हुई दैनिक फ्लाइट सेवा