छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित मैनपावर सप्लाई घोटाले में आरोपी पूर्व आबकारी एमडी अरुणपति त्रिपाठी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। वे पिछले 95 दिनों से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। इस मामले में 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस, चार अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर 182.98 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान में गड़बड़ी का आरोप है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। यह मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तहत सरकारी शराब दुकानों में कर्मचारियों की मैनपावर सप्लाई और उनके ओवरटाइम भुगतान में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसियों ने ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त कार्य दिवसों के नाम पर फर्जी और बढ़े हुए बिल तैयार किए और इन बिलों के आधार पर सरकारी खजाने से वास्तविक भुगतान से अधिक रकम जारी कराई गई। इस मामले की जांच की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई थी, जब प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर में कार्रवाई के दौरान तीन लोगों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। जांच एजेंसी को संदेह था कि यह रकम मैनपावर एजेंसियों के लंबित बिल पास कराने के बदले दिए जाने वाले कथित कमीशन से जुड़ी है। इसके बाद राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच एजेंसियों के मुताबिक 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस, चार अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर करीब 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। आरोप है कि कर्मचारियों को इन मदों का वास्तविक लाभ नहीं मिला, जबकि एजेंसियों ने फर्जी और बढ़े हुए रिकॉर्ड के आधार पर भुगतान हासिल किया। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि इस रकम का एक हिस्सा नकद कमीशन के रूप में अधिकारियों और कथित सिंडिकेट तक पहुंचाया गया। अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान करीब 152.40 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान की बात भी जांच में सामने आई है। ईओडब्ल्यू-एसीबी ने इस मामले में मैनपावर एजेंसियों के संचालकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अरुणपति त्रिपाठी को कानूनी राहत मिली है, हालांकि जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है और मामले में आरोपों की पुष्टि ट्रायल के दौरान पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

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