उत्तरी प्रदेश के रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने नई नियमन जारी किए हैं, जिनके तहत फ़्लैट का स्वामित्व परिवर्तन (ट्रांसफर) करने पर बिल्डरों को अब मनमाना शुल्क नहीं लेना पड़ेगा। नई नीति के अनुसार, यदि ट्रांसफर में पास-पड़ोसी या रिश्तेदार शामिल हैं, तो रजिस्ट्रेशन शुल्क केवल एक हज़ार रुपये (₹1,000) तय किया गया है। वहीँ, गैर‑रिश्तेदार खरीदार‑बेचने वाले के बीच होने वाले ट्रांसफर पर शुल्क पच्चीस हजार रुपये (₹25,000) रखा गया है। पहले बिल्डरों को इस फीस की सीमा लाखों तक निर्धारित करने की आज़ादी थी, जिससे कई घर खरीदारों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ता था। नई व्यवस्था का उद्देश्य टैक्स‑फ्री ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल बनाना, कीमतों में पारदर्शिता लाना और अति‑स्पेकुलेशन को रोकना है। यह शुल्क रेरा की वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा किया जाएगा और ट्रांसफर रजिस्ट्रेशन की पुष्टि के बाद ही मान्य होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से रियल एस्टेट बाजार में भरोसा बढ़ेगा और संभावित खरीदारों को लम्बे समय तक रोक-टोक के बिना अपने घर को पुनः हस्तांतरित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह कदम रेरा द्वारा नियामक ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। Post navigation पश्चिम बंगाल में नई विधायिका गठन के लिए EC ने गवर्नर को औपचारिक नोटिस भेजा रायपुर के मोवा बाजार में दो सालियों की गोली मार हत्या, जीजा को पुलिस ने हिरासत में