यूरोप में हाल ही में आई भीषण गर्मी की लहर ने वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों (NRI) के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कई लोग अब भारत की गर्मियों और उनसे निपटने के अनुभव को याद कर रहे हैं। यूरोपीय देशों में घरों का निर्माण आमतौर पर ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर किया गया है, जिसके कारण एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं सीमित हैं। इससे गर्मी के दौरान लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत, भारत में लंबे समय से गर्म जलवायु के कारण लोगों ने अनुकूलन की बेहतर आदतें विकसित की हैं। यही कारण है कि विदेशों में रह रहे कई भारतीय अब वहां की गर्मी से परेशान हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में भी असामान्य तापमान बढ़ रहा है। इस स्थिति ने जीवनशैली और बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। कई NRI सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। कुल मिलाकर यह स्थिति वैश्विक तापमान वृद्धि की गंभीरता को उजागर करती है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़: विधवा मां के संघर्ष की जीत, एक ही घर से बेटा बना ‘अग्निवीर’ और बेटी बनी पुलिसकर्मी छुट्टियों के लंबे वीकेंड में चिकमगलुरु में पर्यटकों की भारी भीड़, अव्यवस्था पर स्थानीय लोगों की चिंता