लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तरी क्षेत्र) के शुभारम्भ समारोह में इस बात पर जोर दिया कि अगर कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो तो विकास की रफ्तार तेज़ी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि छोटे किसान और औद्योगिक इकाइयाँ मिलकर ही सप्लाई चेन को मजबूत बना सकते हैं, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी। योगी ने यह भी बताया कि सरकार ने किसानों को आधुनिक तकनीक, जल संरक्षण और बीज बहुप्रकारों से सुसज्जित करने की दिशा में कई पहलें शुरू की हैं, जबकि उद्योग क्षेत्र को निवेश अनुकूल माहौल और प्रोत्साहन भत्ते प्रदान किए जा रहे हैं। इस दोहरी रणनीति से रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की निर्यात क्षमता में इज़ाफ़ा होगा। सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञों, उद्योगपति और नीति निर्माताओं ने भी अपने-अपने क्षेत्र में समन्वित कार्य योजना प्रस्तुत की, जिससे उत्तर प्रदेश का आर्थिक मानचित्र और अधिक सुदृढ़ हो सकता है। Post navigation राखीगढ़ी उत्खनन में मिला सोने का लाकेट, शानदार मनके और प्राचीन व्यापार के ठोस प्रमाण ट्रम्प ने कहा कि यूएस होरमुज जलडमरुप में जहाज़ों को एस्कॉर्ट करेगा