भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और निर्यात क्षमता के दम पर वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कभी सैन्य जरूरतों के लिए विदेशी देशों पर निर्भर रहने वाला भारत अब रक्षा उपकरणों का प्रमुख निर्यातक बनकर उभर रहा है। सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की अंतरराष्ट्रीय मांग लगातार बढ़ रही है। भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री कर रक्षा सहयोग को नई मजबूती दी है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है। इसके साथ ही इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल सौदा भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत की रणनीतिक उपस्थिति इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में और मजबूत होगी। रक्षा उत्पादन में बढ़ती स्वदेशी क्षमता ने भारत को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया है। सरकार ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उद्योग को लगातार प्रोत्साहन दे रही है। भारतीय रक्षा कंपनियां अब अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और तकनीकों का विकास कर रही हैं। रक्षा निर्यात में वृद्धि से देश की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक प्रभाव दोनों को लाभ मिल रहा है। आने वाले वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में और तेज वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। Source: Source Post navigation हिमाचल: साच पास में बर्फ देखने गए बेंगलुरु के 8 पर्यटकों की दर्दनाक मौत, गाड़ी 500 मीटर गहरी खाई में गिरी, आज निकाले जाएंगे शव वसई के प्राचीन तालाबों को बचाने की जंग, बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ लोगों का संघर्ष