छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गर्रापार गांव ने सामूहिक प्रयासों से जल संकट को जन आंदोलन बना कर खत्म कर दिया है। कुछ वर्ष पहले तक यहाँ गर्मी में तालाब सूख जाते थे और भूजल स्तर नीचे चला जाता था। ग्रामीणों और किसानों ने मिलकर जल संरक्षण का बीड़ा उठाया। उन्होंने पानी कम खपत वाली फसलें उगाने का संकल्प लिया। सामूहिक प्रयासों से गांव का तालाब अब लबालब भरा है। हर घर में नलों से पानी पहुँच रहा है। पहले सूख रहे बोरवेलों में भरपूर पानी हो गया है। खेतों में हरियाली लौट आई है। गर्रापार आज आसपास के गांवों के लिए एक प्रेरणा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिकता और जल प्रबंधन से हर समस्या का समाधान संभव है। यह गाँव साबित करता है कि जल संरक्षण से ही भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। Source: Source Post navigation सोनीपत: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को भव्य बनाने की तैयारी शुरू, एसडीएम अंकित कुमार ने अधिकारियों को सौंपे दायित्व, सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन 15 जुलाई तक, ऑनलाइन करें आवेदन, महिलाओं, SC, ST, दिव्यांगों को दी जाएगी प्राथमिकता