राजनांदगांव के बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर के 100 बिस्तर अस्पताल में सुरक्षित प्रसव और बेहतर मातृत्व स्वास्थ्य के दावों के बीच गुरुवार रात जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। डोंगरगांव क्षेत्र के आरी-कोनारी निवासी 29 वर्षीय रोशनी पति गणेश पटेल ने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा, जबकि बच्चे की मौत 100 बिस्तर अस्पताल में हो गई थी। गंभीर हालत में मां को वेंटिलेटर पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को रोशनी का आरी स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। मृतका की 5 वर्षीय पुत्री लेकिशा पटेल भी है। प्रसव के लिए दो दिन से रोशनी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनका ऑपरेशन यहीं किया गया। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग होने और ब्लड प्रेशर लगातार गिरने से उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां वेंटिलेटर पर उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। इस घटना ने जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी और उपचार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन थिएटर में इन्फ्यूजन पंप और इंजेक्शन डायजीपाम भी मौजूद नहीं थे। यह पिछले दो महीनों में जिला अस्पताल में दूसरी मातृ मृत्यु बताई जा रही है, इससे पहले माधुरी सिन्हा की मौत का मामला भी सामने आया था।

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