रायपुर के एक कार्यालय भवन में अचानक लिफ्ट का बैक‑अप सिस्टम काम करना बंद कर दिया, जिससे सिविल सेवा में कार्यरत एक IAS अधिकारी की पत्नी फँस गईं। बचाव दल के पहुँचने में दो घंटे से अधिक समय लगने पर यह घटना सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तृत जांच का कारण बन गई। इसी सप्ताह हो चुके दूसरे हाई‑प्रोफाइल लिफ्ट फेल्योर ने भी रखरखाव के अभाव को उजागर किया। विशेषज्ञों का कहना है कि लिफ्ट की नियमित निरीक्षण, बैक‑अप पावर और आपातकालीन संचार प्रणाली में सुधार जरूरी है। रायपुर नगर निगम ने घटनाबाद तुरंत सभी सार्वजनिक और निजी लिफ्टों के तकनीकी सर्वे की घोषणा की है। यह कदम नागरिक सुरक्षा को बेहतर बनाने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।