राजधानी रायपुर में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के सरकारी प्रोजेक्ट के नाम पर 53.60 लाख रुपये की ठगी का मामला उजागर हुआ है। जांच में पता चला कि कुछ फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर धोखेबाजों ने वास्तविक ठेकेदार को फँसाया और अनुचित रूप से धन निकाल लिया। इस पर पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं उसके सहयोगियों, जिनमें पति‑पत्नी शामिल हैं, के खिलाफ FIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी। मामले में बतौर फर्जी टेंडर कई फ़ॉर्म और नकली अनुमोदन पत्र उपयोग में लाए गए। यह स्कैम स्थानीय प्रशासन की निगरानी पर प्रश्नचिह्न लगाता है और सार्वजनिक धरोहर के सुरक्षित उपयोग के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग करता है। अधिकारी अभी आगे की जांच कर रहे हैं और संबंधित सभी पक्षों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। Post navigation रायपुर में कोलकाता‑पुणे फ्लाइट को चिकित्सा आपातस्थिति में किया गया इमरजेंसी लैंडिंग छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में 20 आरटीओ अधिकारियों का फिर से पदस्थापना, प्रशासन में कड़ी कसावट