रोहतक में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जेल भरो आंदोलन के तहत डीसी कार्यालय के बाहर गिरफ्तारी दी। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को करीब 10 बसों में बैठाकर पुलिस लाइन पहुंचाया। बाद में सभी को पुलिस लाइन से रिहा कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने श्रम कानूनों, बिजली क्षेत्र के निजीकरण और अन्य नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। जनवादी महिला समिति की नेता जगमति सांगवान ने सरकार पर विभिन्न वर्गों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों और बिजली कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए। किसान प्रतिनिधि मोनिका नैन ने किसान नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि किसानों और कर्मचारियों के आंदोलनों को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को प्रदर्शनकारियों को ले जाने के लिए अतिरिक्त बसें बुलानी पड़ीं। प्रदर्शनकारियों ने ट्रेड डील, बिजली कानून, स्मार्ट मीटर योजना और एग्री डिस्कॉम से जुड़े फैसले वापस लेने की मांग की। उन्होंने लेबर कोड वापस लेने, न्यूनतम वेतन, MSP की कानूनी गारंटी और बीज बिल वापस लेने की भी मांग रखी।

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