अप्रैल और मई महीने में अचानक आई भारी बारिश, ओलावृष्टि और लू ने देश भर के फल उत्पादकों को भारी नुकसान पहुँचाया है। टीम ऑफ इंडिया ने बिहार (लीची), महाराष्ट्र (अंगूर और आम), हिमाचल प्रदेश (सेब) और अन्य राज्यों के बागानों का दौरा कर किसानों के हालात का जायजा लिया। बिहार में लीची की फसल लगभग चौपट हो गई है, जबकि महाराष्ट्र में अंगूर की कलियाँ ओलों से क्षतिग्रस्त हो गईं। पंजाब और उत्तर प्रदेश के आम के बागानों में 60% तक फल गिर गए। सेब उत्पादक क्षेत्रों में बेमौसम बर्फबारी और ठंड ने फूल झड़ने का कारण बना दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनियमितता फलों के बढ़ते तापमान, कम शीतलन अवधि और कीटों के प्रकोप को बढ़ा रही है। किसानों को अपनी फसल का नुकसान देखकर मुआवजे की पुकार लगाई है। आने वाले महीनों में फलों के दाम बढ़ने की संभावना है। इस घटना ने कृषि जलवायु संबंधी नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Source: Source Post navigation भीषण गर्मी ने बढ़ाई बिजली की माँग: मई में बिजली की खपत पिछले साल से 11% बढ़ी, 21 मई को पहुंचा 270.8 GW का रिकॉर्ड शाम की बड़ी खबरें: अन्नामलाई ने BJP को सौंपा इस्तीफा, CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक और अन्य