विद्या राजन की गैर-काल्पनिक किताब ‘रबर’ एक ऐसी वस्तु की कहानी बताती है जो हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा है। यह पुस्तक रबर के सामाजिक, प्राकृतिक और आर्थिक इतिहास को विस्तार से प्रस्तुत करती है। किताब में रबर की यात्रा प्राचीन मेसोअमेरिका से लेकर आधुनिक वैश्विक उद्योग तक दिखाई गई है। इसमें बताया गया है कि रबर ने अर्थव्यवस्था, विज्ञान और मानव सभ्यता को किस तरह प्रभावित किया। लेखिका ने रबर से जुड़े वैज्ञानिक विकास और इसके उत्पादन में हुए शोषण के पहलुओं को भी सामने रखा है। पुस्तक जटिल ऐतिहासिक घटनाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाती है। ‘रबर’ को पाठकों और समीक्षकों से काफी सराहना मिली है। इस किताब ने AutHer Awards 2026 में बेस्ट ऑथर नॉन-फिक्शन पुरस्कार भी जीता है। यह पुस्तक एक सामान्य दिखने वाली वस्तु के पीछे छिपी असाधारण कहानी को उजागर करती है।

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