उत्तर प्रदेश सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दे रही है। योजना का उद्देश्य कारीगरों की आजीविका को मजबूत करना है। इसके तहत बढ़ई, लोहार, कुम्हार और दर्जी जैसे पारंपरिक हस्तशिल्पियों को सहायता मिलती है। लाभार्थियों को उनके काम से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण के जरिए कारीगरों के कौशल को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाता है। योजना के तहत आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था है। इससे कारीगरों को काम की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलती है। पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। योजना पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर देती है। सरकार का लक्ष्य कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना है। आधुनिक तकनीक और बेहतर उपकरणों से पारंपरिक व्यवसायों को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर कारीगरों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। Source: Source Post navigation बरनाला में किसान-मजदूरों का विशाल प्रदर्शन, पूर्ण कर्जमाफी और MSP की कानूनी गारंटी की मांग झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद: भाजपा बंद, ईडी जांच और गिरफ्तारियों से बढ़ा सियासी घमासान