बरनाला में संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर किसानों, मजदूरों और महिलाओं ने विशाल प्रदर्शन किया। यह विरोध भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने दाना मंडी में जनसभा के बाद रोष मार्च निकाला। मार्च दाना मंडी से जिला उपायुक्त कार्यालय तक निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान और मजदूर नेताओं ने सरकार पर कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। नेताओं ने 9 दिसंबर 2021 को किए गए लिखित वादों को पूरा करने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने स्वामीनाथन आयोग के अनुसार C2+50% फॉर्मूले पर सभी फसलों के लिए कानूनी MSP की मांग की। किसानों और मजदूरों के पूर्ण कर्जमाफ किए जाने की भी मांग उठाई गई। चारों नए श्रम संहिताओं को रद्द करने और मनरेगा में सालाना कम से कम 200 दिन रोजगार देने की मांग की गई। मनरेगा मजदूरी 700 रुपये प्रतिदिन करने की मांग भी रखी गई। 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों और मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

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