नरेश पाल गंगवार के शिक्षा सचिव का पद संभालते ही उनकी नियुक्ति विवादों में आ गई है। इस फैसले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। आंदोलनकारी छात्रों ने भी सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। नियुक्ति को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गंगवार इससे पहले बागवानी बोर्ड में अपनी तैनाती के दौरान भी चर्चा में रहे थे। उस समय उन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुराने विवादों के कारण उनकी नई जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विपक्ष और छात्र संगठनों ने नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई है। सरकार की ओर से इस मामले पर नजर बनाए रखी जा रही है। फिलहाल इस नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना जताई जा रही है। Source: Source Post navigation पश्चिमी सिंहभूम के मतदाताओं से 25 जुलाई तक गणना प्रपत्र जमा करने की अपील करनाल में 12.25 लाख मतदाताओं का सत्यापन पूरा, 2.11 लाख नामों की जांच में सामने आईं गड़बड़ियां