बीबीसी के रिपोर्टर गैरी ओ’डोनोगु ने उस रात के डरावने क्षण को जीवंत रूप से वर्णित किया, जब अचानक प्रवेश द्वार के पास से बजी गोलियों की आवाज़ ने सभी को चौंका दिया। सुनामी जैसी आवाज़ के साथ, मेहमानों ने तुरंत अपने आप को सुरक्षा की खोज में झुकते हुए देखा। गैरी और अन्य पत्रकारों ने तुरंत कुर्सियों के पीछे या मेज के नीचे छिपने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग दूरी बनाकर दरवाज़े की ओर भागे। धुंधली रोशनी और लकीरें वाली धड़कन ने कमरे को एक भयावह माहौल में बदल दिया। इस दौरान, कुछ लोग फ़ोन निकाल कर तुरंत मदद के लिए कॉल करने लगे, और अन्य ने आपदा के संकेतों को समझते हुए वर्तमान स्थिति को रिकॉर्ड करने की कोशिश की। अंत में, सुरक्षा कर्मियों ने गोलीबारी को काबू किया, पर इस हादसे ने उपस्थित सभी को गहरा असर दिया। Post navigation HCS परीक्षा आज: 49 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, सुबह 4 बजे से विशेष बसें दिल्ली मेट्रो स्टेशन के लेडीज वॉशरूम में मिला पुरुष शव, दरवाज़ा बंद था