सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली जेसी का चयन एक प्रतिष्ठित वैश्विक चंद्र मिशन के लिए हुआ है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका परिवार निजी स्कूल की फीस नहीं भर पा रहा था, जिसके बाद उसे सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया गया। जेसी एक प्रतिभाशाली छात्रा है और उसने अपनी मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है। भारत के 20 अन्य छात्रों के साथ उसे इस महत्वपूर्ण मिशन के लिए चुना गया है। इस सफलता में उसके शिक्षकों और माता-पिता के निरंतर सहयोग की अहम भूमिका रही है। अब जेसी उपग्रह निर्माण से जुड़ी कठिन प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुजर रही है। वह चंद्र मिशन के लिए तकनीकी कौशल और वैज्ञानिक ज्ञान विकसित कर रही है। उसकी कहानी साबित करती है कि प्रतिभा किसी आर्थिक या सामाजिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता मौजूद है। जेसी की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। Source: Source Post navigation NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन तेज, कई जिलों में छात्र सड़कों पर उतरे उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को मिली नई रफ्तार, तकनीक से बदली स्कूलों और पढ़ाई की तस्वीर