रविवार को लंदन में दो धावकों ने इतिहास में नया पन्ना लिखा। केन्याई रस्टर सबासियन सावे और इथियोपियन द्रव्यर थ्रिलर टिगस्ट असेफ़ा ने क्रमशः मैराथन में अपने-अपने विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए। आश्चर्य की बात तो यह रही कि इन अद्भुत प्रदर्शन में मायका सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि विशेष जूतों ने भी अहम भूमिका निभाई। इन्हें वैज्ञानिकों ने ‘साबुन से भी हल्का’ कहा है, क्योंकि उनका वजन मात्र 70 ग्राम का ही है—जो एक साधारण डिश सोप से भी कम है। उन्नत कार्बन फाइबर प्लेटफ़ॉर्म, ऊर्जा लौटाने वाली फोम कुशन और हवाई प्रतिरोध को न्यूनतम करने के लिए विशेष एयरोडायनामिक डिज़ाइन ने धावकों को अतिरिक्त गति दी। इन जूतों ने न सिर्फ दौड़ को आसान बनाया, बल्कि एथलेटिक्स की दुनिया में तकनीक के नए युग की शुरुआत भी करवाई। Post navigation छत्तीसगढ़ में खनिज ऑनलाइन 2.0 लागू: अब घर बैठे कटेगी रॉयल्टी पर्ची, DMF खर्च की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग जॉशुआ का कार दुर्घटना के बाद पहला मुक़ाबला, 25 जुलाई को रियाद में