मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि आदिवासी और गरीब परिवारों के घरों को तोड़ा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिले थे और बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध थे। इसके बावजूद वन विभाग ने उनके आशियाने हटाने की कार्रवाई की। प्रभावित परिवारों ने बीट गार्ड पर रिश्वत मांगने के आरोप भी लगाए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली है। मामले को लेकर प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है। वन विभाग की कार्रवाई के कारणों और कानूनी स्थिति की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों की ओर से मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रभावित परिवार अपने पुनर्वास और न्याय की मांग कर रहे हैं। Source: Source Post navigation पंचकूला में घर में घुसा तेंदुआ, आंगन से पिटबुल को उठाकर जंगल में ले गया पिंजौर में ऑटो चालकों की कार्रवाई, आगे बैठी सवारियों को उतारा; ट्रैफिक नियमों का हवाला दिया