भारत का वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह सितंबर में एक बार फिर ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इसमें 14.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी से देश के कर राजस्व में सकारात्मक रुझान सामने आया है। घरेलू लेनदेन से प्राप्त GST राजस्व में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस वृद्धि ने कुल GST संग्रह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, आयात से जुड़े GST राजस्व में 25.9 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयात से होने वाली इस वृद्धि के कारण आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण करने की जरूरत बताई जा रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी GST संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन राज्यों के प्रदर्शन ने कुल राजस्व वृद्धि में योगदान दिया। सितंबर के आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों और कर संग्रह की स्थिति का संकेत देते हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक का कुल GST संग्रह भी पिछले वर्ष की समान अवधि से बेहतर रहा है। साल-दर-साल संग्रह में वृद्धि से राजस्व में निरंतर सुधार का रुझान दिखाई देता है। हालांकि, इस वृद्धि के विभिन्न कारणों को समझने के लिए घरेलू कारोबार और आयात से जुड़े आंकड़ों का अलग-अलग आकलन जरूरी है। Source: Source Post navigation BRICS Summit के चलते दिल्ली में क्या रहेगा बंद? मेट्रो सेवा और रूट डायवर्जन पर जानें पूरी जानकारी यूक्रेन में F-16 लड़ाकू विमानों की खराब हालत और मिसाइलों की कमी से भारत को मिला सबक, अस्त्र मिसाइल पर बढ़ा जोर