बेंगलुरु स्थित शैक्षणिक समूह सिम्बायोसिस ने एशिया में पहला यूनेस्को चेयर, “जेंडर इन्क्लूजन एंड स्किल डेवलपमेंट” (GISD) लॉन्च किया है। यह पहल 2024 में UNESCO के साथ साझेदारी में स्थापित की गई है, जिसका मकसद महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को रोजगार के क्षेत्रों में समान अवसर प्रदान करना और नई तकनीकों में उन्हें प्रशिक्षित करना है। GISD विभिन्न विश्वविद्यालयों, उद्योगों और गैर‑सरकारी संगठनों को जोड़ते हुए, लिंग‑सौहार्दपूर्ण कौशल प्रशिक्षण, एंटी‑हैरास शिक्षा, और नीति शोध को बढ़ावा देगा। इस पहल के तहत स्थानीय उद्यमों के साथ इंटर्नशिप, ऑनलाइन कोर्स और मेन्टरशिप प्रोग्राम चलाए जाएंगे, जिससे महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण को तेज़ गति मिलेगी। सिम्बायोसिस के डेनेश पाटन, संस्थापक ने कहा, “हम चाहते हैं कि प्रत्येक महिला, चाहे वह ग्रामीण या शहरी हो, विश्व में प्रतिस्पर्धी बने और अपने सपनों को साकार कर सके।” Post navigation Prismforce ने लॉन्च किया AIQ: AI निवेश और कार्यबल की तैयारी के अंतर को पाटने के लिए बिना उपचारित मलजल पल्लिकरन्नाई दलदल में बह रहा है