देश की सीमाओं पर ड्रोन के जरिए होने वाली हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन दीवारें स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह प्रणाली संदिग्ध ड्रोन की पहचान, निगरानी और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम होगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के वर्षों में ड्रोन के माध्यम से तस्करी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। नई तकनीक इन खतरों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एंटी-ड्रोन दीवारें लगातार निगरानी कर संभावित घुसपैठ या अवैध गतिविधियों का पता लगाएंगी। इससे सीमा सुरक्षा बलों को त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। सरकार सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों पर जोर दे रही है। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना और तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी निगरानी से सीमा प्रबंधन अधिक प्रभावी बनेगा। सुरक्षा एजेंसियां इस प्रणाली के चरणबद्ध विस्तार की भी योजना बना रही हैं। Source: Source Post navigation अहमदाबाद मेट्रो को मिली नई उड़ान, एयरपोर्ट कॉरिडोर के लिए 2,169 करोड़ रुपये की मंजूरी अमृतसर पुलिस की बड़ी कामयाबी: दुबई नेटवर्क से जुड़े 6 ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 300 करोड़ की हेरोइन बरामद