सुदान में खाद्य-पोषण स्थिति, ठंडा पानी और अमीर वस्तुओं का लागत-चक्र के कारण बहुत कठीन हो रही है। करतुम में, जहाँ युद्ध का सिकार नहीं है, भी आर्थिक स्थिति धीमी गति से बदसोबत हो रही है। पुरवीन के महासागर का कंड़बुक, आज उसी जल्दी भी नहीं हो सकता।

करतुम शहर में पश्चिमी और पूर्बी तट के बीच, गाँवों के स्थल पर, आबादी न जीवन खरीद सकती है। उत्पादक और कार्यक्रमों में लोग शिकायत जाहिर कर रहे हैं, जिससे तनाव पटका गया है। आज सुदान और करतुम में खाद्य-पोषण और अन्य आवश्यकताओं की उपलब्धियों पर बहुत विशेष संदेह है।

मंत्रालयों में, रिपोर्ट से अनुसार, कीटनाशक और आवश्यक दवाओं की कमी खोज रही है। विकल्पों में लोग संघर्ष का संदेह जाहिर कर रहे हैं, जिससे आर्थिक स्थिति और सुरक्षा की सम्भवतः मुद्दों पर अधिक विचार करने की जरूरत है।

अभी तक, आर्थिक स्थिति के इस भयंकर घटना की प्रतिक्रियाओं में लोग उपचार और अनुकूली नीतियों की तलाश में हैं। बेहद समय ज़रूरी है, कि आर्थिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नज़्म की जाए। प्रशस्त उपहारों की तलाश में, गुणवत्ता और आधारित संसाधनों के लिए संबंधित नीति बनाना उचित है।

आर्थिक स्थिति में ग़लती से जुड़ी समस्याओं को दृष्टिकोण पर समझने का प्रयास करना आवश्यक है। उपचार और अनुकूली सामाजिक नीतियों के मौजूदा दर्शन का प्रयास करना आवश्यक है। सरकारें और अनुसंधान संस्थाओं में, जो खतरे की भीड़ में चल पड़ा है, बहुत गहरा समय और संकल्प लगाए रहने की जरूरत है।

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