छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में गोबरी नदी पर बना अस्थायी रपटा पहली तेज बारिश में बह गया। यह वैकल्पिक पुल डुमरिया-केवरा मार्ग पर करीब 15 लाख रुपये की लागत से बनाया गया था। पिछले वर्ष मुख्य पुल टूटने के बाद लोगों की आवाजाही के लिए यह व्यवस्था की गई थी। जानकारी के अनुसार एक महीने पहले ही इसकी मरम्मत भी कराई गई थी। पुल बहने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना से एक दर्जन से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को अब गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन स्थिति का आकलन कर रहा है और वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की तैयारी में जुटा है। ग्रामीणों ने जल्द स्थायी पुल निर्माण और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। Source: Source Post navigation बालोद में 39 किमी फोरलेन सड़क परियोजना को मिली रफ्तार, 2 हजार से ज्यादा पेड़ों पर असर बस्तर फाइटर्स भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 5,800 रोजगार के अवसर