हरियाणा सरकार ने राज्य के दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति संबंधी सख्त निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके दिव्यांग कर्मचारी अब सेवा में बने रहने का दावा नहीं कर सकते। यह निर्णय 3 फरवरी 2026 को लागू किए गए संशोधित सेवा नियमों के अनुरूप है। वित्त विभाग ने इस कदम को सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया फैसलों का अनुपालन बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2025 को अपने फैसले में कहा था कि निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु के बाद अंतरिम आदेशों के आधार पर सेवा विस्तार देना कानून के विरुद्ध है। वहीं, हाईकोर्ट ने 17 फरवरी और 10 मार्च 2026 के फैसलों में सरकार के सेवा नियम संशोधन को पूरी तरह वैध ठहराया है। हालांकि, अदालत ने यह राहत भी दी है कि जिन कर्मचारियों ने अंतरिम आदेशों के चलते 58 वर्ष के बाद कार्य किया है, उन्हें उस अवधि का वेतन, पेंशन और अन्य सेवा लाभ जरूर मिलेंगे। संबंधित विभागों को इन निर्देशों का तुरंत प्रभाव से पालन करने और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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