नागपुर में दो युवतियों की गिरफ्तारी के बाद देशभर में सक्रिय कथित ‘वॉश-वॉश स्कैम’ का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले करीब 13 वर्षों से विभिन्न राज्यों में लोगों को ठग रहा था। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में वारदातों की जानकारी सामने आई है। आरोपियों ने हाल ही में लखनऊ में भी इसी तरह की ठगी की बात स्वीकार की है। गिरोह लोगों को काले कागज को विशेष केमिकल से असली नोट में बदलने का झांसा देता था। इसके लिए महंगे विदेशी केमिकल खरीदने के नाम पर बड़ी रकम निवेश करवाने की बात कही जाती थी। ठग निवेश के बदले करोड़ों रुपये और 50 प्रतिशत तक मुनाफा देने का लालच देते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह में 10 से 12 सदस्य शामिल हैं और इसका संचालन मुंबई तथा चेन्नई से किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह में नए लोगों को प्रशिक्षण देकर शामिल किया जाता था, जबकि सरगना सामने नहीं आता था। पुलिस अब पुराने मामलों और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच कर रही है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी केमिकल से काले कागज या नोट को असली मुद्रा में बदलना संभव नहीं है। लोगों से ऐसे लालच भरे प्रस्तावों से सावधान रहने और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।

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