जून 2026 भारत के लिए पिछले 146 वर्षों में सबसे सूखे महीनों में शामिल रहा है। मानसून ने केरल में समय पर दस्तक दी, लेकिन 15 जून के बाद इसकी गति कमजोर पड़ गई। इसके कारण देशभर में सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। मध्य भारत में यह कमी करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच गई। 23 जून के बाद बारिश में कुछ सुधार देखा गया, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की इस अनियमितता के पीछे कई मौसमी और वायुमंडलीय कारण हैं। पूरे वर्ष बारिश सामान्य से कम, यानी लगभग 90 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। कृषि और जल संसाधनों पर इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है। किसानों और प्रशासन को जल प्रबंधन और फसल योजना में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। Source: Source Post navigation राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला गरमाया, 11 जुलाई की ट्रस्ट बैठक में बड़े फैसलों के संकेत