आधुनिक हैकर संस्कृति और ओपन-सोर्स आंदोलन की जड़ें 1950 के दशक के अंत में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से जुड़ी हैं। उस समय MIT के टेक मॉडल रेलरोड क्लब के छात्र तकनीक और कंप्यूटर के साथ नए प्रयोग कर रहे थे। उन्होंने TX-0 कंप्यूटर पर काम करते हुए प्रोग्रामिंग के नए तरीके विकसित किए। इस समुदाय में तकनीक तक खुली पहुंच, प्रयोग करने की स्वतंत्रता और योग्यता को महत्व दिया जाता था। ज्ञान और तकनीकी जानकारी को साझा करना भी उनकी संस्कृति का अहम हिस्सा था। लेखक स्टीवन लेवी ने अपनी पुस्तक ‘हैकर्स’ में इस समुदाय और उसके सिद्धांतों का वर्णन किया है। इन शुरुआती प्रयोगों ने कंप्यूटर तकनीक के विकास को नई दिशा दी। इसी माहौल में ‘स्पेसवार!’ जैसे शुरुआती कंप्यूटर गेम का विकास हुआ। बाद में इन विचारों ने सिलिकॉन वैली के कंप्यूटर शौकीनों को भी प्रभावित किया। तकनीक को साझा करने और सहयोग से विकसित करने की यह सोच आगे बढ़ती रही। रिचर्ड स्टॉलमैन के GNU प्रोजेक्ट ने मुफ्त सॉफ्टवेयर आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आंदोलन ने सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने, समझने, संशोधित करने और साझा करने की स्वतंत्रता पर जोर दिया। इन विचारों ने सहयोगात्मक सॉफ्टवेयर विकास की नींव मजबूत की। आज के तकनीकी उद्योग में इस्तेमाल होने वाली कई ओपन-सोर्स तकनीकों के पीछे इसी संस्कृति का योगदान है। Source: Source Post navigation Android फोन खो गया? Google Find Hub से ऐसे खोजें, लॉक करें या डेटा डिलीट करें Meta ने पेश किया 816 अरब पैरामीटर वाला Muse Spark Open AI मॉडल, दो Apple Mac Studios पर करेगा काम