उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में 4 मे, यानी ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया सोमवार की सवेरा, भस्म आरती का विशेष आयोजन होता है। इस पावन क्षण में पुजारी सम्बोधित बड़ाई जलाने के बाद श्वेत भस्म लेकर मुख्य श्रोत में प्रसारित करते हैं, जिससे भगवान महाकाल का मनोहारी श्रृंगार होता है। आरती से पहले भगवान को स्नान, अभिषेक और मोती‑रजत अलंकार से सजाया जाता है; भक्तों को इस अद्वितीय दर्शन के लिए सुबह पाँच बजे से ही मंदिर के प्रांगण में जमा होने की सलाह दी जाती है। आरती समाप्ति के बाद जलती हुई लौ पर शिरोविसर्जन किया जाता है, जिससे माहौल में आध्यात्मिक ऊर्जा भर जाती है। उमड़ते भीड़ को नियंत्रित रखने हेतु सुरक्षा दल तैनात हैं, और दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यदि आप इस दिव्य अनुभव को देखना चाहते हैं तो समय पर पहुंचें, और महाकालेश्वर के इस अद्वितीय भस्म श्रृंगार का आनंद लें।

By AIAdmin