कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद बारिश के कारण सड़क के कुछ हिस्सों में समस्या सामने आई। सड़क धंसने और फिसलन की शिकायतों के बाद मरम्मत कार्य करना पड़ा। महज 17 दिनों में दूसरी बार मरम्मत की जरूरत पड़ने पर सवाल उठाए गए हैं। विपक्षी दल सपा और कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। NHAI ने बताया कि मरम्मत कार्य 15 साल की ऑपरेशन और मेंटेनेंस नीति का हिस्सा है। प्राधिकरण ने सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रखा है। एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सड़क की निगरानी कर रही हैं। Source: Source Post navigation भोपाल में किसानों का प्रदर्शन खत्म, सरकार से बातचीत के बाद मूंग की 60 प्रतिशत खरीद पर बनी सहमति चंबा में तेज बहाव वाले नाले में बही युवती, बचाव दल का सर्च ऑपरेशन जारी