सोमवार के प्रमुख समाचार पत्रों ने दो अलग‑अलग लेकिन equally चिंताजनक मुद्दों को उजागर किया। एक ओर, रक्षा विभाग में बजट कटौती के कारण नई हथियारों की खरीद पर धन नहीं है, जिससे सैन्य तैयारी में खलल पड़ सकता है। सरकार ने अब तक कोई अतिरिक्त फंड आवंटित नहीं किया, और इससे पारदर्शिता व रणनीतिक योजना दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर, कई पबों में एक पिंट बीयर का दाम अब £10 तक पहुँच गया है, जो उपभोक्ताओं को झकझोर रहा है। मुद्रा स्फीति, टैक्स और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं इस कीमत वृद्धि के मुख्य कारण माने जा रहे हैं। इन दो साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि वित्तीय दबाव न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि आम जनजीवन को भी प्रभावित कर रहा है। Post navigation सुप्रीम कोर्ट ने 7 महीने की गर्भवती नाबालिग को गर्भपात की अनुमति दी, महिला को अवांछित गर्भावस्था में मजबूर नहीं किया जा सकता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का 2027 तक यमुना को साफ़ रखने का उड़ानभरा वादा, 91 STP से तेज़ सफ़ाई अभियान