अलका लांबा को दिल्ली की अदालत ने 2024 के जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में दोषी करार दिया है. अलका लांबा पर सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में विफलता का आरोप लगाया गया है. उन्हें सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने के मामले में दोषी ठहराया गया है. अदालत के इस फैसले से अलका लांबा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अलका लांबा ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को नकारा है. उन्होंने कहा कि वे अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेंगी. अलका लांबा के समर्थकों ने अदालत के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अलका लांबा को न्याय नहीं मिला है. अलका लांबा के खिलाफ मामला 22 महीने पुराना है. अदालत ने अलका लांबा को दोषी करार देने के साथ ही उन्हें सजा सुनाने की तिथि तय कर दी है. Source: Source Post navigation विधान परिषद चुनाव: महायुति में सीटों को लेकर खींचतान ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का सरकारी नीति पर जवाब