चर्नॉब्ल आपदा के चार दशकों बाद, ज़ोन के भीतर जीवन फिर से धड़क रहा है। रेडिएशन से बचे एक वृद्ध वैज्ञानिक, जो खुद भी दुर्घटना के शिकार थे, ने कहा कि आज यहाँ के बासियों में से कई ने घर लौटे हैं और खेती फिर से शुरू कर रहे हैं। उन में से एक बुजुर्ग फॉर्मर ने बताया कि वह हर सुबह अपने गाय‑बछड़ों और घोड़ों को ले जाकर खेत में काम करता है, जबकि शिकार‑ड्रोन कभी‑कभी ऊपर से गुजरते हैं, लेकिन वे अधिकांश समय बिना गति के गुजरते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ ने जोन के जंगली जानवरों की आबादी में बढ़ती विविधता देखी है—बिल्ली, भालू, और यहाँ तक कि लुप्तप्राय पक्षी भी फिर से लौट आए हैं। हालांकि रेडिएशन अभी भी मौजूद है, स्थानीय लोग और शोधकर्ता इसका मॉनिटरिंग करते हुए, सतर्कता और आशा के साथ इस बंजर भूमि को फिर से बसाने की कोशिश कर रहे हैं। Post navigation IAS आरती डोगरा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत: 24 घंटे में एसीबी जांच का फैसला उल्टा, खंडपीठ ने लगाया रोक हरिद्वार में बोरवेल के गड्ढे में गिरा 55 वर्षीय शख्स, आठ घंटे से बचाव कार्य जारी