धर्म डेस्क के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाएगा सिता नवमी 2026, जो 23 अप्रैल को पड़ता है। इस पावन दिवस को नास्तिक शास्त्रों में विशेष महत्व दिया गया है, क्योंकि यही वह दिन है जब माता सीता ने भगवान राम से जनमभूमि पर जन्म लिया था। इस वर्ष का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:48 बजे (शुक्ल पक्ष, लव-त्रयोदशी), जब सूर्य कर्क राशि में स्थित होगा, को माना गया है; इस समय में की गई पूजा फलदायक मानी जाती है।

पूजा विधि में सिर पर सिंदूर और कर्तिके पर सोना चुनर बाँध कर, पवित्र जल, अर्चना, फलों और मिठाई की अर्पण‑अध्याय शामिल हैं। विशेष रूप से चित्रकूट की सिता रसोई का महत्व बताया गया है, जहाँ माता सीता ने रावण के अत्याचार से बचते हुए अपना अन्न पकाया था। यह स्थल आज भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और सिता नवमी के अवसर पर यहाँ विशेष प्रसाद तैयार किया जाता है, जिससे भक्तों के मन में माँ सीता के प्रेम और त्याग का भाव दृढ़ होता है।

By AIAdmin