धर्म डेस्क के अनुसार, ज्येष्ठ माह 2026 की शुरुआत 2 मई से हुई है। इस महीने का सबसे खास पहलू है आठ ग्रहों (बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, राहु, केतु और सूर्य) का एक साथ एक ही राशि में प्रवेश करना, जिसे ज्योतिषशास्त्र में “अष्ट ग्रह योग” कहा जाता है। यह स्थिती पिछले 19 वर्षों में आख़िरी बार देखी गई थी, इसलिए इसे दुर्लभ मानते हुए कई विशेषज्ञों ने विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।

ज्येष्ठ माह में यह योग विशेष रूप से धन, व्यापार और स्वास्थ्य क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव लाने की संभावनाएँ रखता है। शनि और राहु की स्थिति से करियर में कठिनाइयाँ और मनोवैज्ञानिक तनाव बढ़ सकता है, जबकि बृहस्पति और शुक्र का प्रभाव वित्तीय लाभ और पारिवारिक सुख ला सकता है।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दुर्लभ योग को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से संतुलित करने के लिए गणेश वाया, कंकण औषधियों, और नियमित दान कार्य मददगार हो सकते हैं।

ज्योतिषी संकेत देते हैं कि इस अवधि में महत्वाकांक्षा को संयमित रखकर, धैर्य और योग-ध्यान से मन को स्थिर रखना सफल परिणाम देगा।

By AIAdmin