भोपाल में पैरमाली वालेस कंपनी में कर्मचारियों पर तिलक, अंगूठी, कड़ा और मंगलसूत्र जैसी हिंदू धार्मिक प्रतीकों को पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिससे व्यापक विवाद खड़ा हुआ। इस कदम को कंपनी ने व्यावसायिक छवि और एकरूपता के नाम पर लागू किया, परन्तु कई कर्मचारियों ने इसे धार्मिक आज़ादी के उल्लंघन के रूप में देखा। घटना की तुलना हाल ही में लेंसकार्ट के समान विवाद से की जा रही है, जहाँ भी कर्मचारियों के व्यक्तिगत अधिकारों पर प्रतिबंध की आलोचना हुई थी। हिंदू उत्सव समिति ने इस प्रतिबंध को असंवैधानिक कहकर तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है, जबकि कंपनी का कहना है कि नियम सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होते हैं। इस मुद्दे ने कार्यस्थल में धार्मिक अभिव्यक्ति के अधिकार और कंपनी की नीति के बीच संतुलन पर सवाल उठाए हैं, और प्रदेश में इस पर चर्चा तेजी से बढ़ रही है। Post navigation अचानक एसी फटने से अपार्टमेंट में आग, बाहर निकले युवक को चोट खतरनाक टकराव: होर्मुज जलडमरमर में निरंतर प्रतिबंध