अमेरिका और ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को अपने-अपने ब्लॉकेड से घेर लिया है। अमेरिकी नौसैनिक जहाज़ों को रास्ता खोलने की कोशिश होती है, जबकि ईरान तेल और कर्दी जहाज़ों को रोकने में जुटा है। यह प्रतिद्वंद्विता अब एक “इच्छाशक्ति की परीक्षा” बन गई है, जैसा कि बीबीसी की वरिष्ठ प्रवक्ता लाइज़ डॉसेट ने कहा। दोनों पक्षों के बीच तनाव तेज़ हो रहा है, जिससे वैश्विक तेल कीमतें और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर गंभीर असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीति के जरिये इस खतरनाक टकराव को समाप्त कर जलडमरमर को फिर से खुला रखने की कोशिश कर रहा है। Post navigation भोपाल में पैरमाली वालेस कंपनी में धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध, हिंदू उत्सव समिति ने FIR की मांग की टुयाप्स में ड्रोन हमले के बाद पर्यावरणीय संकट