पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर टीएमसी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फलता चुनाव के नतीजों का असर अब नंदीग्राम की राजनीति में भी दिखाई देने लगा है। खबर है कि टीएमसी के दो नेताओं ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर दिया है। इससे पार्टी के भीतर असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है। फलता में जहांगीर खान ने मतदान से पहले ही चुनावी मैदान छोड़ दिया था। उसी तरह की स्थिति अब नंदीग्राम में बनने लगी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी बेचैनी बढ़ रही है। विपक्ष इस मुद्दे को टीएमसी की अंदरूनी कमजोरी बता रहा है। पार्टी नेतृत्व उम्मीदवार चयन को लेकर दबाव में नजर आ रहा है। नंदीग्राम पहले से ही बंगाल की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में गिना जाता है। ऐसे में नेताओं के पीछे हटने से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे टीएमसी की रणनीति प्रभावित हो सकती है। पार्टी अब नए चेहरे की तलाश में जुटी हुई है। उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। आने वाले दिनों में टीएमसी के फैसले पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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