दिल्ली के विवेक विहार में झड़के जैसी अग्निकांड ने शहर को हिला कर रख दिया। रविवार को दोपहर एक निजी अपार्टमेंट में शुरू हुई आग, तेज हवाओं और खतनाक निर्माण सामग्री के कारण 45 मिनट में ही चार मंजिलों को engulf कर गई। फायर ब्रिगेड की देर से पहुंच, पानी सप्लाई की कमी, अलार्म सिस्टम की खराबी और निकास मार्गों पर अभाव जैसे चार मुख्य चूकें इस त्रासदी की जड़ बनीं। आग की तीव्रता को रोकने की कोशिश में, परिवार के तीन पीढ़ियों के सदस्य, जिनमें एक बुजुर्ग दादा, उनका बेटा और पोता शामिल थे, जहरीली धुएँ और धूल में फंस गए। बचाव दल ने मुश्किल से दो ही लोगों को बचाया, जबकि बाकी कर्ज़ मनों तक नहीं पहुँच सके। इसी बीच, स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की कमी को लेकर कड़ी जांच का आदेश दिया और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करने का वादा किया। Post navigation कांकेर सांसद ने खदान के मलबा धंसने पर की कड़ी फटकार, निरीक्षक भोजराज नाग का रिवाज‑भरा दौरा सैमसंग परिवार ने चुकाया रिकॉर्ड 8 अरब डॉलर उत्तराधिकार कर बिल