यूरोप में अमेरिकी बड़ी टेक कंपनियों जैसे Apple, Google, Amazon और Microsoft के बढ़ते प्रभाव को लेकर बहस तेज हो गई है। यूरोपीय संघ (EU) में क्लाउड कंप्यूटिंग और सैटेलाइट सेवाओं को लेकर नए नियमों पर विचार किया जा रहा है। कुछ प्रस्तावों में यूरोपीय कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सेस में प्राथमिकता देने की बात कही गई है। वहीं कुछ नेता सभी कंपनियों के लिए समान नियम लागू करने की वकालत कर रहे हैं। इस मुद्दे ने यूरोपीय देशों के बीच मतभेद बढ़ा दिए हैं। चर्चा का मुख्य केंद्र डिजिटल निर्भरता और प्रतिस्पर्धा है। कई देशों को चिंता है कि विदेशी टेक कंपनियों पर अत्यधिक निर्भरता बढ़ रही है। इसके विपरीत, कुछ का मानना है कि समान अवसर सभी के लिए जरूरी है। इस नीति विवाद का असर यूरोप की डिजिटल रणनीति पर पड़ सकता है। EU आने वाले समय में इस पर महत्वपूर्ण फैसले ले सकता है। Source: Source Post navigation भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार किया, ‘हजार घावों से भारत को कमजोर करने’ की नीति का उठाया मुद्दा ‘मेरे पूर्वज हिंदू थे’, ख्वाजा आसिफ के बयान से पाकिस्तान में इतिहास पर छिड़ी बहस