टेनिस के प्रोफेशनल सर्किट के निचले स्तर पर खिलाड़ियों को काफी कठिन परिस्थितियों में जीवन और करियर दोनों को संभालना पड़ता है। कई खिलाड़ी अकेले यात्रा करते हैं और खर्च कम करने के लिए अक्सर रूम शेयर करने पर मजबूर होते हैं। आर्थिक दबाव के कारण सुविधाओं और आराम से समझौता करना पड़ता है। कुछ खिलाड़ी सफर के दौरान पैसे बचाने के लिए ट्रांजिट वैन में भी सोने जैसे विकल्प अपनाते हैं। टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए लगातार देशों और शहरों के बीच यात्रा करनी पड़ती है। स्पॉन्सरशिप और स्थिर आय की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती बनती है। चोट या हार की स्थिति में आर्थिक स्थिति और भी कठिन हो जाती है। कई युवा खिलाड़ी अपने सपनों को पूरा करने के लिए निजी जीवन और आराम त्याग देते हैं। टेनिस के इस स्तर पर मानसिक दबाव भी काफी अधिक होता है। ट्रेनिंग, यात्रा और खर्चों का संतुलन बनाना बेहद मुश्किल होता है। इसके बावजूद खिलाड़ी आगे बढ़ने की उम्मीद बनाए रखते हैं। यह रिपोर्ट प्रोफेशनल टेनिस की चमक के पीछे छिपी सच्चाई को उजागर करती है। Source: Source Post navigation पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाई का निधन:दिग्गज ओलंपियन थे राजा रणधीर सिंह जीवन में ‘मुश्किल घड़ी’ में फंसे रोजर फेडरर का वह फॉर्मूला, जो हर बार आया काम