टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर ने मुश्किल समय से जूझने का जो फॉर्मूला बताया, वह न सिर्फ खेल बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में काम आता है। चोटों और करियर पर मंडराते सवालों के बीच फेडरर हर बार मजबूत वापसी करते रहे। वह कहते हैं कि जब जीवन ‘गड्ढे’ में फंसा देता है, तो वहां से निकलने का रास्ता धैर्य और पुनर्निर्माण से होकर गुजरता है। संघर्ष के दौर इंसान को नए सिरे से सोचने, अनुशासन सीखने और खुद को ढालने का मौका देते हैं। फेडरर के अनुसार, असफलता ही असली ताकत बनने का जरिया है। उनका मानना है कि बिना दबाव और विपत्ता के कोई भी चरम सीमा तक नहीं पहुंच सकता। जब जीवन ठहराव और निराशा लेकर आए, तो उसे सीखने का मौका समझना चाहिए। हर कठिनाई अंततः उस अनुशासन और धैर्य को परखती है जो इंसान को पहले से कहीं अधिक सशक्त बना देती है। फेडरर का यह संदेश टेनिस कोर्ट से आगे बढ़कर हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो असफलता से घिर गया हो। Source: Source Post navigation टेनिस के निचले स्तर पर खिलाड़ियों की मुश्किल जिंदगी, अकेले सफर और साझा कमरों में रहने की मजबूरी IPL 2026 Eliminator LIVE: सूर्यवंशी का ‘वैभव शो’, RR vs SRH में जो हारा वो होगा बाहर, चंडीगढ़ में आज धमाकेदार टक्कर