एक यहूदियों के विरुद्ध एंटीसेमिक हमले में पीड़ित ने बताया कि वह अपनी जान को लेकर बहुत चिंतित था। कई प्रतिवादियों ने उसे ‘बेबी किलर’ के शब्दों से अभिषक्त किया, जबकि वे उसे शारीरिक रूप से भी मारपीट कर रहे थे। हमले के दौरान मौखिक गाली-गलौज और यहूदी विरोधी नारे सुनाई दिए, जिससे पीड़ित को भयावह झटका लगा। पुलिस के हस्तक्षेप से हमलावरों को रोका गया, परन्तु पीड़ित अभी भी इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर भय में है। यह घटना यहूदी समुदाय के खिलाफ बढ़ते घृणा अपराधों में से एक और उदाहरण है, जिसमें भाषा और शारीरिक हिंसा दोनों का उपयोग किया गया। अधिकारियों से अपील है कि एंटीसेमिक अपराधों की सख्त जांच हो और पीड़ितों को उचित सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाए। Post navigation पुलिस कहती है, एप्सॉम चर्च के बाहर कोई बलात्कार नहीं हुआ UK के लिए कौन सी एयर्सलाइन्स ने उड़ानें रद्द की हैं और आप क्या कर सकते हैं?