मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ तेज कदम उठाते हुए वनरक्षक कुंडेश्वर बीट को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। जांच के दौरान अधिकारियों को रजिस्ट्री में ग़लत रिकॉर्ड दिखाने और बचाव के लिये चुपके से धन स्वीकार करने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने लापरवाही से रुकावट न डालते हुए तुरंत बीट को हिरासत में ले लिया और मामले को आगे केंद्र में भेजा। इस घटना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को तेज किया है और वन विभाग में पारदर्शिता व निष्पक्षता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है। लोकायुक्त ने कहा, “ऐसे कदाचार को सहन नहीं किया जाएगा, और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।” यह कार्रवाई प्रशासनिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने और जनता के भरोसे को पुनर्स्थापित करने का एक प्रमुख कदम माना जा रहा है। Post navigation राजनांदगांव में तहसीलदार‑नायब तहसीलदारों का तबादला: देखिए पूरी सूची जालंधर में फिर से ब्लैकआउट: 24 अप्रैल को मॉक ड्रिल का होगा विस्तृत विवरण