पटना के कुंदन कुमार के अनुसार, बिहार विधान सभा में आज विश्वास मत का निधान हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बहुपक्षीय समर्थन से 112 में से 101 वोटों से अपना विश्वास प्राप्त किया, जबकि दल-गुटों ने उनके कार्यकाल को सुदृढ़ करने का इरादा जाहिर किया। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस प्रक्रिया को असंवैधानिक कहा और अपने दल के सभी विधायक्यों को सत्र से बाहर रहने का निर्देश दिया, जिससे रात के समय बहुचर्चित बहिष्कार हुआ। विरोधी दलों ने सरकार की नीतियों को लेकर कई प्रश्न उठाए, परंतु सत्र में किसी भी सवाल को उठाने का मौका नहीं मिला। इस विश्वास मत के परिणामस्वरूप, सरकार के शासकीय एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत राजनीतिक माहौल बन गया, जबकि विपक्षी पक्ष अपनी वैधता बनाने के लिए कानूनी कदमों पर विचार कर रहा है। Post navigation Lamine Yamal की चोट कितनी गंभीर है? क्या वह स्पेन के विश्व कप शुरुआती मैच में खेल पाएंगे? सोनीपत में भाजपा का दावेदार प्रदर्शन: राजीव जैन ने भरा मेयर का पर्चा, बडोली ने कहा- ‘राहुल गांधी आए तो जलेबी चखाने को मिलेगी जनता’