संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजते हुए 657 प्राचीन वस्तुएँ लौटाईं। इनमें रायपुर में 43 साल बाद पहुँची दुर्लभ अवलोकितेश्वर प्रतिमा शामिल है। अमेरिकी संग्रहालयों में रखी इन वस्तुओं में प्राचीन मूर्तियाँ, चित्र, शिलालेख और धातु वस्तुएँ हैं, जिनका स्रोत विभिन्न भारतीय सभ्यताओं से माना जाता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन लौटाई गई धरोहरों को राष्ट्रीय संग्रहालयों में प्रदर्शित करने की योजना बताई, ताकि जनता को अपनी इतिहासिक विरासत के प्रति जागरूक किया जा सके। इस कदम को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने के संकेत के रूप में सराहा गया। अवलोकितेश्वर प्रतिमा का रायपुर वापसी समारोह राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और संस्कृति विशेषज्ञों की उपस्थिति में हुआ, जहाँ इसे स्थानीय संग्रहालय में स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इस कार्रवाई से भारत में सांस्कृतिक संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की महत्ता पर चर्चा तेज़ हुई है। Post navigation भारतमाला मुआवजा घोटाले की जांच में दो नई विशेष टीमें गठित, कमिश्नर ने किया कदम गोंदिया स्टेशन पर 20‑दिन का मेगा ब्लॉक: कई ट्रेनों का रद्दीकरण, यात्रियों को परेशानी