केंटकी डर्बी में इतिहास रचते हुए, चेरी डेवॉक्स ने अपने प्रशिक्षित घोड़े गोल्डन टेम्पो को जीत दिलाई, जिससे वह इस प्रतिष्ठित दौड़ में जीत हासिल करने वाली पहली महिला ट्रेनर बन गईं। कई लोगों की आशंका और कठिनाइयों के बावजूद, गोल्डन टेम्पो ने दांव पर लगे बड़े अंकों को मात दी और फिनिश लाइन को सबसे तेज़ी से पार किया। इस जीत में जॉस ओरटिज़, अनुभवी जॉकी, की भी अहम भूमिका रही, जिन्होंने घोड़े को सही समय पर बढ़ावा दिया। डेवॉक्स की सफलता न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि घुड़दौड़ के जगत में नई प्रेरणा भी बन गई है, जिससे कई युवा महिलाएं इस खेल में आगे बढ़ने की सोच रही हैं। Post navigation थॉमस एंड उबर कप फाइनल: भारतीय पुरुष क्वार्टरफ़ाइनल में, सिंधु की हार से महिला टीम पर असर इज़रायिल-ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान का 14‑बिंदु प्रस्ताव: क्या ट्रम्प इसे स्वीकार करेंगे?