उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के खुनियाव ब्लॉक में जलजीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित नई पेयजल टंकी को कल शाम तेज़ आंधी ने नुकसान पहुँचाया। टंकी का निर्माण हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा लगभग तैंतीस लाख रुपये के बजट से किया जा रहा था।

रमवापुर‑विशुनपुर गांव के हिस्से में स्थित टंकी की छत (टॉप रूफ) पर तेज़ हवाओं के दबाव ने असर डाला, जिससे ऊपरी ढांचा टूट कर लटक गया। प्रारम्भिक जांच में यह पुष्टि हुई कि डिजाइन या निर्माण में कोई स्पष्ट त्रुटि नहीं थी, बल्कि असामान्य रूप से गंभीर हवाओं ने ही इस क्षति को उत्पन्न किया।

स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य आरंभ कर टंकी के आसपास के जल आपूर्ति को अस्थायी रूप से वैकल्पिक स्रोतों से बदल दिया। टंकी के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य को तेज़ी से पूरा करने हेतु जिला अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है।

इस घटना ने जलजीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलसंधारण परियोजनाओं की सुरक्षा और आपातकालीन उपायों की जरूरत पर प्रकाश डाला है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में समान घटनाओं से बचने के लिए संरचनात्मक मानकों की पुनः समीक्षा और मौसम‑सम्बन्धी जोखिम मूल्यांकन को सुदृढ़ किया जाएगा।