जेट फ़्यूल की कीमतों में दुनिया भर में 30% से अधिक की तेज़ी आई है, जिसका मुख्य कारण मध्य‑पूर्व में जारी संघर्ष है। इस वजह से एशिया-प्रशांत क्षेत्र की कई बड़ी एयरलाइनों ने 2024 के गर्मियों के यात्रा‑सीजन में लागत बढ़ने को रोकने के लिए दो प्रमुख कदम उठाए हैं। पहला कदम – किराया बढ़ाना। एयर इंडिया, इंडिगो और वीस्तारा जैसे प्रमुख कैरियर्स ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 5% से 10% तक किराया वृद्धि की घोषणा की है। इस वृद्धि को “ईंधन सरचार्ज” के रूप में लागू किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा कदम – क्षमता में कटौती। कमीशन द्वारा अनुमोदित डेटा के अनुसार, इस साल एयरलाइनों ने कुल मिलाकर लगभग 12% सीटों को रद्द किया है, जिसका मतलब कई हज़ार उड़ानों में कमी है। विशेष रूप से यूरोप और मध्य‑पूर्व के मार्गों पर अधिकतम 15% तक की कटौती देखी गई है। परिणामस्वरूप यात्रियों को बुकिंग के समय अधिक कीमतों का सामना करना पड़ेगा और कुछ लोकप्रिय छुट्टियों के दिनों में बुकिंग की उपलब्धता सीमित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतें घटती नहीं तो नई मूल्य नीतियों को आगे भी जारी रखा जायेगा। Post navigation ईरान युद्ध के कारण बढ़ी ईंधन कीमतों पर एयरलाइनों ने किराया बढ़ाया, लाखों सीटें घटाईं मनिपुर में तीन साल से चले आ रहे जातीय संघर्ष: अज्ञात हत्यारों की पहचान पर सवाल